सोमवार, 20 जून 2011

60 साल के बाद फिर एक नया गाँधी आगया है

कब तक तुम इस देश की जनता का खून पीकर

तिजोरिया भरोगे

अब जनता जाग गई

गिन -गिन कर हिसाब मांग रही है

हिसाब देने में क्यों  फ... रही है

एक रामदेव को लाठी के बल पर दवा लोगे

अब वक़्त आ गया

हर घर से एक गाँधी और रामदेव

निकल कर जवाब मागे गें

तब क्या ?

मुहं  छिपा कर

कहाँ तक भागोगे

यही लाठी

जब अंदर जायगी

मुहं से उलटी कर 

बताओ गे

अब उलटी गिनती शुरू हो चुकी है

बच कर कहाँ तक जाओगे

हिसाब देना ही पढ़ेगा

कितने दिन बकरे की माँ ......

मनाएगी

हिसाब देना ही पढ़ेगा

देना ही पढ़ेगा >>>>>>>>>>>>>>





मत  इतराओ 
अपनी शोख अदाओ पर 
वारिश  के
एक झोके पर
सारा मेकप
धुल जायेगा|


जरा बच के रहना
इन छिछोरी नज़रो से
पता भी न चलेगा
कब आँखों से काजल
निकल गया |

बहती समन्दर की लहरे
दिल में तूफान
मचा रही
तेज हो रही धडकन
समंदर में
गोते खा रही |

बुधवार, 30 मार्च 2011

वर्ड कप - वर्ड कप अब हमारा है


चिल्ला -चिल्ला कर मन>मोहन ने पाकिस्तान को जता डाला है

गिलानी को घर बुलाकर प्यार से समझा डाला है

अब वाज आ जाओ ?

नहीं तो इसी तरह घर में घुस कर दिखा देगें कि हम तुम्हारे बाप है

बाप के साथ बेटे सा फर्ज निभाओ वर्ना हम भूल जायगे कि हमारा कोई बेटा था

घर में घुस कर बे दखल कर डालेंगे

जहाँ रह रहेओ

वह घर हमारा है

वह घर हमारा है

वर्ड कप अब हमारा है>>>>>>>>>>>

मंगलवार, 29 मार्च 2011

सूरज की मेहरबानी लौट आता 
अँधेरे को रौशनी में बदल जाता

जिनकी आप राह देख रहे 
वह केवल जिन्दगी को
अँधेरे में बदल जाते

अब  वक़्त रहते
अपने को बदल डालो

राह में जो कांटे आये
फूलो में बदल डालो

जिसे तुम कहते हो सुंदर
सुन्दरता में बदल डालो

आप मंथन करो
मन में उसे बैढालो

अब वक़्त रहते
अपने को बदल डालो

दूसरे की पीड़ा को
सुख में बदल डालो

आसमान का नीला रंग
सुबह
ढंडी हवा के झोके
वर्षा की पहली
फुआर 
मन में समाई
तस्वीर की  धुंद को 
हकीकत  में 
बदल डालो

अब वक़्त रहते
अपने को बदल डालो



नेता रूपी बम

सोनामी से ज्यादा


खतरनाक है यह

नेता रूपी बम

इनकी कारिस्तानी

निकाल रही

पब्लिक का दम

कैसे इन को ज्ञान मिले

यह बन न जाये

नुक्लेअर बम

शनिवार, 19 मार्च 2011

मन..... की मर्जी

मन..... की मर्जी
हमारा मन.....
बड़ा सियाना है
उसे सिर्फ
सिर हिलाना है
और
अपने कारखाने में
कागज पर
10karor  नोट छपवा कर
बटवाना है?
फिर चले न चले
वोट फिर भी    पा जाना>>>>>>>>>

शुक्रवार, 18 मार्च 2011

होली है होली है
रंग विरंगी हाली है
मन >>>से पूछो
लोक सभा में लगी
 विस्वास की होली है  
मन>>>>
बड़ा परेशान
लग गई उसकी
इज्जत की
बोली है>>>>>>>>
होली है  भाई    
 होली है